Explain : शेयर बाजार में ब्लॉक डील क्या है ?

 


जब एक साथ 10 करोड़ से अधिक की कीमत के शेयरों की ट्रेडिंग एक साथ की जाती है तब उसे हम ब्लॉक डील कहते है। यह ट्रेड एक बार में होना चाहिए, मतलब कि इतने कीमत के शेयरों का एक बार में ही आदान प्रदान होना चाहिए। यह डील केवल इक्विटी मार्किट में हो सकती है।

इस तरह की डील में रिटेल इन्वेस्टर का पार्टिसिपेशन बहुत ही कम होता है। ब्लॉक डील्स ज्यादातर बड़े निवेशक या संस्थागत निवेशकों जैसे म्यूच्यूअल फंड्स, बीमा कम्पनियाँ आदि द्वारा की जाती है। इस डील में शेयर के भाव और शेयरों की संख्या पहले से ही शेयरों को बेचने वाले और खरीदने वाले के बीच तय हो जाती है।

ब्लॉक डील्स कब की जाती है ?

स्टॉक एक्सचेंज जैसे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने ब्लॉक डील्स के लिए अलग से समय तय कर रखा है। ये डील दो समय अंतराल में की जाती है -

  • Morning Block Deal Window:

यह विंडो सुबह 08:45 से 09:00 बजे के बीच खुलती है

  • Afternoon Block Deal Window:

यह विंडो दोपहर को 02:05 से 02:20 के बीच खुलती है।


सेबी के दिशानिर्देशों के अनुसार, दिए गए ऑर्डर का ट्रेड मूल्य ब्लॉक संदर्भ मूल्य (बीआरपी) के +1% और -1% के बीच होना चाहिए।

ब्लॉक संदर्भ मूल्य(Block Refrence Price) क्या होता है ?

BRP एक बेस प्राइस होता है जो open market प्राइस पर आधारित होता है। उदाहरण के लिए यदि किसी शेयर का ब्लॉक सन्दर्भ मूल्य 500 रूपए है तो शेयर खरीदने और बेचने वाले दोनों लोग 495 (500 – 500 का 1%) और  505 (500 + 500 का 1%) के बीच ट्रेड कर सकते है। यह +1% और -1% कैप सुनिश्चित करता है कि शेयरों के खरीदार और विक्रेता दोनों को स्टॉक की बाजार की मांग के आधार पर उचित डील मिले। 

आइए समझते हैं कि यह बीआरपी दोनों ब्लॉक डील विंडो के लिए कैसे तैयार किया गया है। सुबह की विंडो के लिए, बीआरपी स्टॉक का पिछले दिन का बंद भाव होगा। दोपहर की विंडो के लिए, बीआरपी इक्विटी सेगमेंट में सामान्य ट्रेडिंग विंडो पर दोपहर 1:45 बजे से दोपहर 2:00 बजे के बीच निष्पादित ट्रेडों का वॉल्यूम-भारित औसत मूल्य( (volume-weighted average price) होगा। यदि दोपहर 1:45 बजे से दोपहर 2:00 बजे के बीच कोई ट्रेड नहीं हुआ, तो 9:00 पूर्वाह्न से 1:45 बजे के बीच निष्पादित ट्रेडों के VWAP को BRP माना जाएगा। इसके अलावा, अगर पिछले दिन सुबह 9:00 बजे से दोपहर 1:45 बजे के बीच कोई ट्रेड नहीं हुआ तो स्टॉक के बंद भाव को बीआरपी माना जाएगा।


अब जानते है कि ब्लॉक डील क्यों की जाती है ?

शेयर बाजर के बड़े निवेशक एक साथ करोड़ों शेयरों का ट्रेड करते है। पहले, बड़े निवेशक शेयर बाजार को प्रभावित करने के लिए ब्लॉक डील किया करते थे जिससे शेयर का प्राइस प्रभावित होता है। आज इससे बचने के लिए, ब्लॉक डील के लिए एक अलग ट्रेडिंग विंडो है, जिसमें न्यूनतम ऑर्डर मूल्य 10 करोड़ रुपये से अधिक रखा गया है। 

इसके अलावा, रिटेल निवेशकों को हानि से बचाने के लिए, जब भी ब्लॉक डील की जाती है, तो वे रिटेल निवेशकों की सामान्य ट्रेडिंग विंडो पर यानी सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे के बीच दिखाई नहीं देते हैं। स्टॉक ब्रोकर जो इन ब्लॉक डील को करते हैं, उन्हें उसी दिन बीएसई या एनएसई को इसकी जानकारी देनी होती है। एक्सचेंज बाजार बंद होने के बाद अपनी  वेबसाइट पर इन डील्स की जानकारी दे देती है। इस जानकारी में स्क्रिप का नाम, खरीदार और विक्रेता का नाम, क्लाइंट द्वारा ट्रेड किए गए शेयरों की कुल संख्या, ट्रेडेड मूल्य आदि शामिल होते हैं।

 ब्लॉक डील्स की जानकारी आप कहाँ से प्राप्त कर सकते है ?

आप इन डील की जानकारी NSE  और BSE की वेबसाइट से प्राप्त कर सकते है। यदि आप दोनों एक्सचेंज के ब्लॉक डील की जानकारी एक साथ जानना चाहते है तो आप moneycontrol की वेबसाइट से प्राप्त कर सकते है। 

 क्या नई लिस्टिंग में ब्लॉक डील हो सकती है ?

 नई लिस्टिंग में, दोपहर की विंडो दोपहर 02:05 बजे से दोपहर 02:20 बजे तक, ब्लॉक डील्स की जा सकती है। बीआरपी दोपहर 1:45 बजे से दोपहर 2:00 बजे के बीच निष्पादित ट्रेडों का वीडब्ल्यूएपी होगा। यदि दोपहर 1:45 बजे से दोपहर 2:00 बजे के बीच कोई ट्रेड नहीं हुआ, तो 9:00 पूर्वाह्न से 1:45 बजे के बीच निष्पादित ट्रेडों के VWAP को BRP माना जाएगा। इसके अलावा, अगर सुबह 9:00 बजे से दोपहर 1:45 बजे के बीच कोई ट्रेड नहीं हुआ तो पिछले दिन के स्टॉक के बंद भाव को बीआरपी माना जाएगा।


 

 


 




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